Misery to Ecstasy – A Journey

मैं बहुत उलझन वाली स्थिति में थी. मेरे  बाहर और  अंदर की दुनिया अलग थी. मैं एक अंचाही संतान हूँ और बचपन से छोटे भाई से तुलना करती रही। कभी अपनेआपको प्रेम नहीं किया, ना ही कभी अपने आस  पास वाले लोगो को । मेरे घर कि परिस्थितियो ने मुझे बागी बना दिया था । मेरे लिये जीवन केवल बोझ था । मुझे समझ नहीं आ रहा था कि आखिर मेरे साथ यह सब होने कारण क्या हैं ?

Kamna Pic

शारीरिक , मानसिक , आर्थिक , परिवारिक और व्यवहारिक समस्याये आ रही थीं… जितना मैं समस्याओं से बाहर निकालने का प्रयास करती, उतना ही उलझ्ती जा रही थी । लग रहा था कि जैसे सबको सबकुछ पता हैं,  केवल मेरे साथ ही अभिनय हो रहा है। जीवन एक दर्द से ज़्यादा नहीं प्रतीत हो रहा था । किसी भी काम में मुझे कोई सफलता नहीं मिल रही थी, मैं सिर्फ जगह जगह भटक रही थी । बिना कोई अपराध किये, मैं कोर्ट, पुलिस, हॉस्पिटल सब जगह घुम रही थी., मन किया कि ये जिंदगी ठीक नहीं, बस अब छुटकारा पा लो, बहुत हुआ …

लेकिन तभी कुछ ऐसा हुआ जिसने मेरे जीवन का रुख बदल दिया और वो था मेरा नवकृति के सृजन प्रोग्राम का हिस्सा बनना । पिछले नौ महीनो में, हर दिन एक परत उतरी है, ज़िंदगी के और अपने सच से साक्षात्कार हुआ है। जीवन को एक नए रूप में देख पा रही हूँ, हर एक दिन जी पा रही हूँ।

मैं बहुत बार डर जाती थी. हार मान लेती थी लेकिन चैना और पायल ने कभी भी मेरा हाथ नहीं छोडा। सृजन प्रोग्राम करते समय मुझे कई शारीरिक और मानसिक समस्याएँ थीं, जिसमें कि 20 साल पुरानी पी अम अस, स्किन डिज़ीज़ और ट्यूमर भी शामिल है। मेरा वज़न 96 किलो था। मैंने अपने जीवन को सृजन में बताई गई तकनीकों के साथ दालना शुरू किया और बिना नागा उनका इस्तेमाल करती रही। आज उसका परिणाम यह है कि मेरी स्किन डिज़ीज़ और ट्यूमर दोनों खत्म हो चुके हैं। मेरा वज़न 85 किलो पे आ गया है और मैं एक आंतरिक शांति का अनुभव करती हूँ।

मेरा बड़ा बेटा समर्थ, जिसकी उम 14 साल है, उसे मल्टिपल डिसेबिलिटी है (औटिस्म, एम आर, सी पी, एपिलेप्से, माइक्रों केफालिक),  उसकी दिमाग से शरीर की कनैक्टीविटी बढ़ी है, इमोशनअल अवेरनेस आई है, उसकी स्पीच आने लगी है, उसका बाहरी दुनिया से शोशिलाइज़ेशन, एसरटिवनेस, सिटिंग टोलरन्स, इन्सटृकशन फॉलोइंग बढ़ा है। अब वो अपनी आईडेंटिटी को समझने और दर्शाने लगा है।

मेरे दोनों छोटे बच्चों में कोनसेनट्रेशन और फोकस बढ़ा है, ऐकेडेमिक तथा कोगनिटिव स्किल बेहतर हुए है। मेरा छोटा बेटा इस बार, तीसरे साल में नरसरी से केजी में आ पाया है।

आज नौ महीने से ज्यादा हो गये हैं और मैं तथा मेरा परीवार बिना दवाई के हैं। स्थितियाँ बेहतर हो रही हैं हर पल . मैं आभारी हूँ या यू कहूँ कि पहली बार अहसास हुआ अपने आपसे प्रेम करने का मतलब कि आप स्वयं प्रेम बन जाते हो। आपके हर काम में प्रेम नज़र आता हैं, जीवन सहज हो जाता हैं, शांती रहती हैं मन में … आपको अपने जीवन और ब्रहमांड के लिये श्रद्धा आ जाती हैं ओर जब आपका नजरिया बदलता हैं।

तो दुनिया मात्र प्रतिध्वनि हैं आपके अंतर्मन की, सब कुछ बह रहा जीवन में, जीवन उत्सव हैं। नवकृति से जुड़ना पहले से तय था, मेरे हर सवाल का जवाब है नवकृति।

धन्यवाद,

कामना टाक

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